Search

Jai Hind.

|| सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा

हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलिस्तां हमारा


ग़ुर्बत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में

समझो वहीं हमें भी दिल है जहाँ हमारा


परबत वह सबसे ऊँचा, हम्साया आसमाँ का

वह संतरी हमारा, वह पासबाँ हमारा


गोदी में खेलती हैं इसकी हज़ारों नदियाँ

गुल्शन है जिनके दम से रश्क-ए-जनाँ हमारा


ऐ आब-ए-रूद-ए-गंगा! वह दिन हैं याद तुझको

उतरा तेरे किनारे जब कारवाँ हमारा


मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना

हिन्दी हैं हम, वतन है हिन्दोस्तां हमारा


यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रूमा सब मिट गए जहाँ से

अब तक मगर है बाक़ी नाम-ओ-निशाँ हमारा


कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी

सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा


इक़्बाल! कोई महरम अपना नहीं जहाँ में

मालूम क्या किसी को दर्द-ए-निहाँ हमारा ||


India is the cradle of the human race, the birthplace of human speech, the mother of history, the grandmother of legend, and the great-grandmother of tradition. Our most valuable and most instructive materials in the history of man are treasured up in India only.

-Mark Twain


Jai Hind!



0 views